चने के फायदे, स्वास्थ्य लाभ एवं घरेलू उपचार : Health Benefits of Black Gram in Hindi : Chane Ke fayde

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Chane Ke fayde
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चने के फायदे, स्वास्थ्य लाभ एवं घरेलू उपचार : Health Benefits of Black Gram in Hindi : Chane Ke fayde

Health Benefits of Black Gram in Hindi 

Chane Ke fayde


चने के फायदे

   चना शरीर में ताकत लाने वाला और भोजन में रुचि पैदा करने वाला होता है। सूखे भुने हुए चने बहुत रूक्ष और वात तथा कुष्ठ को नष्ट करने वाले होते हैं। उबले हुए चने कोमल, रुचिकारक, पित्त, शुक्रनाशक, शीतल, कषैले, वातकारक, ग्राही, हल्के, कफ तथा पित्त नाशक होते हैं।

विभिन्न भाषाओं में नाम :
हिन्दी चना, छोला
संस्कृत चणक, हरिमथक
बंगाली छोलारगाछ
मराठी चणे
गुजराती चणा
फारसी नरबूद
अरबी हुमस
अंग्रेजी ग्राम

रंग   : चना लाल, पीला और भूरे रंग का होता है।

स्वाद : इसका स्वाद फीका होता है।

स्वरूप : चना एक बहुत ही प्रसिद्ध अनाज है।

स्वभाव : चना गर्म प्रकृति का होता है।

हानिकारक : इसका अधिक मात्रा में सेवन मसाने के लिए हानिकारक हो सकता है।

दोषों को दूर करने वाला : गुलकन्द, चने में मौजूद दोषों को दूर करता है।

तुलना : चने की तुलना लोबिया से की जा सकती है

चने के औषधीय गुण निम्न हैं : Chane Ke fayde

चने में अधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, नमी, चिकनाई, रेशे, कैल्शियम, आयरन और विटामिन्स पाए जाते हैं। जो आपको स्वास्थ्य रखने में लाभदायक होते है। इससे कई समस्याओं से निजात मिल जाता है। इसके सेवन करने से शरीर में स्फूर्ति के साथ दिमाग तेज होता है।

चना शरीर को चुस्त-दुरुस्त करता है। खून में जोश पैदा करता है। यकृत (जिगर) और प्लीहा के लिए लाभकारी होता है। तबियत को नर्म करता है। खून को साफ करता है। धातु को बढ़ाता है। आवाज को साफ करता है। रक्त सम्बन्धी बीमारियों और वादी में लाभदायक होता है। इसके सेवन से पेशाब खुलकर आता है। इसको पानी में भिगोकर चबाने से शरीर में ताकत आती है।
चना विशेषकर किशोरों, जवानों तथा शारीरिक मेहनत करने वालों के लिए पौष्टिक नाश्ता होता है। इसके लिए 25 ग्राम देशी काले चने लेकर अच्छी तरह से साफ कर लें। मोटे पुष्ट चने को लेकर साफ-सुथरे, कीडे़ या डंक लगे व टूटे चने निकालकर फेंक देते हैं। शाम के समय इन चनों को लगभग 125 ग्राम पानी में भिगोकर रख देते हैं। सुबह के समय शौचादि से निवृत्त होकर एवं व्यायाम के बाद चने को अच्छी तरह से चबाकर खाएं और ऊपर से चने का पानी वैसे ही अथवा उसमें 1-2 चम्मच शहद मिलाकर पी जाएं। देखने में यह प्रयोग एकदम साधारण लगता है किन्तु यह शरीर को बहुत ही स्फूर्तिवान और शक्तिशाली बनाता है।

 चने का सेवन कैसे करें?

चने की मात्रा धीरे-धीरे 25 से 50 ग्राम तक बढ़ाई जा सकती है। भीगे हुए चने खाने के बाद दूध पीने से वीर्य पुष्ट होता है।
व्यायाम के बाद रात के भीगे हुए चने, चने का पानी के साथ पीने से स्वास्थय अच्छा बना रहता है।

 चने क़े खास प्रयोग : Chane Ke fayde

  • अगर आपको अपना वजन कम करना है तो ये काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके लिए रोजाना अपने ब्रेकफास्ट में इसे भी शामिल करें। इससे आपका मोटापा जल्द कम हो जाएगा।
  • आपको यह बात जानकर हैरानी होगी कि यह बादाम से कई गुना ज्यादा फायदेमंद है। इसके संवन से आपको पाचन संबंधी समस्या नहीं होगी साथ ही आप दिमाग तीव्रता के साथ काम करेगा। साथ ही इसके आपके चेहरें में ग्लो भी आएगा।
  • अगर आपको सांस संबंधी कोई भी समस्या होगी तो रात के समय भूने चने लेने से आपको जल्द फायदा मिलेगा।
  • डायबिटीज के मरीजों के लिए भी चने का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद होता है। अगर आपके घर में कोई डायबिटीज का रोगी है तो उसे रोज चने खाने की सलाह दे।

अंकुरित चना :

           अंकुरित चने खाना बहुत ही लाभप्रद होता है। अंकुरित चना धातु को पुष्ट, मांसपेशियों को सुदृढ़ व शरीर को वज्र के समान बना देता है तथा यह सभी चर्म रोगों को नष्ट करता है। विटामिन-सी की अधिकता वाला यह वजन को बढ़ाता है। खून में वृद्धि करता है और उसे साफ करता है। इसके अतिरिक्त अंकुरित चने का सेवन करने से फेफड़े मजबूत होते हैं। यह रक्त में कोलेस्ट्राल को कम करता है और दिल की बीमारियों को दूर करने में सहायक होता है।

चने अंकुरित करने की विधि :

           अंकुरित करने के लिए चने को अच्छी तरह पानी में साफ करके इतने पानी में भिगोएं कि उतना पानी चना सोख ले। इसे सुबह के समय पानी में भिगो दो और रात में साफ, मोटे, गीले कपडे़ या उसकी थैली में बांधकर लटका देते हैं। गर्मी में 12 घंटे और सर्दी के मौसम में 18 से 24 घंटों के बाद भिगोकर गीले कपड़ों में बांधने से दूसरे, तीसरे दिन उसमें अंकुर निकल आते हैं। गर्मी में थैली में आवश्यकतानुसार पानी छिड़कते रहना चाहिए। इस प्रकार चने अंकुरित हो जाएंगे। अंकुरित चनों का नाश्ता एक उत्तम टॉनिक है। अंकुरित चनों में कुछ व्यक्ति स्वाद के लिए कालीमिर्च, सेंधानमक, अदरक की कुछ कतरन एवं नींबू के रस की कुछ बून्दे भी मिलाते हैं परन्तु यदि अंकुरित चने को बिना किसी मिलावट के साथ खाएं तो यह बहुत अधिक उत्तम होता है।

चने की रोटी :

           चने की रोटी बहुत ही स्वादिष्ट होती है। छिलके सहित चने को पीसकर आटा बनाकर रोटी तैयार की जा सकती है। यदि इस आटे में थोड़ा सा गेहूं का आटा मिला दें तो यह मिस्सी रोटी कहलाती है। इसे पानी की सहायता से गूंथकर 3 घंटे बाद दुबारा गूंथकर रोटी बनाएं। यह रोटी त्वचा सम्बंधी रोगों जैसे- खुजली, दाद, खाज, एक्जिमा में बहुत फायदेमंद है, इसमें सब्जी का रस मिला देने से यह और भी गुणकारी हो जाती है।

प्रोटीन : बच्चों को मंहगे बादामों के बजाय काले चने खिलाने चाहिए जिससे वे अधिक स्वस्थ रहेंगे। जहां एक अण्डे में 1 ग्राम प्रोटीन और 30 कैलोरी उष्मा की प्राप्ति होती है, वहां इस मूल्य के काले चने में 41 ग्राम प्रोटीन और 864 कैलारी उष्मा प्राप्त होती है।

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