Charles Dickens Biography in Hindi : चाल्र्स डिकेंस का जीवन परिचय

Charles Dickens Biography in Hindi : चाल्र्स डिकेंस का जीवन परिचय

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Charles Dickens Biography in Hindi

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Charles Dickens Biography in Hindi

चाल्र्स डिकेंस का जीवन परिचय


अंगे्रजी साहित्य के एक महान लेखक के रूप में अपनी मौजूदगी की अनुभूति करवाने के बाद यह संपूर्ण विश्व परिदृश्य के साहित्य पर अपनी लेखनी के जादू से छा गए थे। इनका लेखन विश्व के कई देशों के पाठ्यक्रम में भी शामिल किया गया है। इन्होंने जहां सकारात्मक लेखन कार्य किया गया, वहीं एक लेखक के तौर पर यह अपने हितों के प्रति भी सतर्क रहे। लेखक को आत्मसम्मान के साथ जीने की कला कदाचित इन्होंने ही सिखाई थी। लेखक के रूप में इन्होंने अथक परिश्रम किया था। इनके पास कई वर्षों का लेखन कार्य अग्रिम पड़ा रहता था। लेखन के अलावा इन्होंने अद्भूत संपादकीय प्रतिभा का भी परिचय दिया।

इनका पूरा नाम चाल्र्स जाॅन हफम डिकेंस था। इनका जन्म 7 फरवरी, 1812 हैंपशायर (इंग्लैंड) से हुआ था। कुछ ही समय बाद इनका परिवार चैथम (लंदन) चला गया था, वहां इनके पिता नेवी के एक भुगतान कार्यालय में लिपिक का कार्य करते थे। लेकिन धन के मामले में इनके पिता को कठिनाइयां उठानी पड़ रही थीं। उनकी फिजूखर्ची की आदतों के कारण परिवार को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था और 1824 में इनके पिता को गबन के कारण जेल की सजा हो गई। चाल्र्स उस वक्त महज 12 वर्ष के ही थे।

चाल्र्स तब परिवार में सबसे बड़ी संतान थे, पिता के जेल जाने के कारण इन्हें स्कूल से हटा लिया गया और यह जूता रंगने के कारखाने में कार्य करने लगे। इस समय को चाल्र्स डिकेंस ने अपने संपूर्ण जीवन का सर्वाधिक यातनापूर्ण समय माना। तथापि, यह वह अनुभव था, जिसने इनके भविष्य के लेखन को आकार प्रदान किया।

कुछ माह बाद कर्ज चुकाने के पश्चात् चाल्र्स के पिता की जेल से रिहाई हो गई। तथापि चाल्र्स की माता ने चाहा कि वह कार्य ही करें, परिणामतः दोनों के मध्य विद्वेष भी हुआ, किंतु पिता ने चाल्र्स को पुनः स्कूल में पढ़ने की अनुमति दे दी। लेकिन चाल्र्स का स्कूल जाना पुनः बाधित हुआ और 15 वर्ष की उम्र में अंततः इन्हें कार्य पर लौटना पड़ा। यह एक कानूनी फर्म में लिपिक का कार्य करने लगे, फिर आशुलिपिक के रूप में न्यायालय में कार्य करने लगे और अंततः संसदीय और समाचार पत्र के संवाददाता बन गए।

सन् 1833 में चाल्र्स डिकेंस ने लघु कथा और निबंध समयकालिक रूप से देना आरंभ कर दिया। फिर डिकंेस द्वारा हास्य प्रहसनों की श्रृंखला भी साथ ही लिखी जाने लगी, जो 1836 में ’पिकनिक पेपर्स’ में प्रकाशित हुई। कुछ ही महीनों में चाल्र्स डिकेंस अंतर्राष्टीय स्तर पर विख्यात हो गए। एक संवाददाता के रूप में इन्होंने अपनी नौकरी से त्याग पत्र दे दिया और बेंटलेस मिसेलनी नामक मासिक पत्रिका का संपादक कार्य करने लगे। 1836 में ही चाल्र्स डिकेंस ने कैथरिन होगार्थ नामक युवती से विवाह भी कर लिया। 1858 तक के 22 वर्ष में इन्होंने नौ संतानों को जन्म दिया और फिर पृथक हो गए। पृथकता के समय सभी नौ संतानें जीवित थीं।

चाल्र्स का कामकाज कुछ वर्षाें तक बढ़िया एवं तीव्र गति से चलता रहा। 1834 के आरंभ में बेंटलेस मिसेलनी को ’ओलिवर ट्विस्ट’ श्रृंखला रूप में दिया जाने लगा। तब, जबकि ’ओलिवर ट्विस्ट’ आधी ही हुई थी, चाल्र्स ने मासिक आधार पर ’निकोलस निकलबाई’ को 1838 से प्रकाशित करना आरंभ कर दिया। चूंकि चाल्र्स के पास कार्य की इतनी परियोजनाएं होती थीं कि मुश्किल से ही वह मासिक पत्र भी समय पर निकाल पाते थे। ट्विस्ट और निकलबाई के पूर्ण होने के बाद डिकेंस ने साप्ताहिक आधार पर ’ओल्ड क्याॅरोसिटी शाॅप और बार्नाबाई रज का प्रकाशन करना आरंभ कर दिया।

1841 में एक लघु कार्य अवधि अमेरिका में गुजारने के पश्चात् डिकेंस ने कार्य से अवकाश लेना नियमित अंतराल पर आरंभ कर दिया। इन्होंने वार्षिक आधार पर क्रिसमस कथाएं प्रकाशित करना आरंभ कीं, 1843 में इसका आरंभ ’क्रिसमस केरोल’ से किया।

समाज में चाल्र्स ने सामाजिक समस्याओं को जीवंतता के साथ उठाया, मसलन शिक्षा का मुद्दा, सुधार, शौच स्थान की समस्याएं और झोंपड़-पट्टियों की साफ सफाई के मुद्दे; और इन्होंने सामाजिक समस्याओं को अपने उपन्यासों में सीधे भी प्रस्तुत किया। 1846-48 के दौरान के उपन्यास ’डाॅम्ने एंड सन’ में इन्होंने ऐसा ही किया था। सन् 1850 में डिकेंस ने साप्ताहिक पत्रिका में ’हाउस होल्ड वड्र्स’ के शीर्षक से एक श्रृंखला का सृजन आरंभ किया, जो इंग्लैंड के बच्चों का इतिहास (1851-53) प्रदर्शित करता था, इसमें अग्र शीर्षकों में रचनाएं प्रकाशित हुईं। ’हार्ड टाइम्स’ (1854), ’ए टेल आॅफ टू सिटीज’ (1859), ’एंड ग्रेट एक्सपेक्टेंसंस’ (1860-61), इत्यादि और साथ ही साथ डिकेंस ने उपन्यास लेखन के कार्य को भी जारी रखा। जिनमें डेविड काॅपरफील्ड (1849-50), ’ब्लीक हाउस’ (1852-53), ’लिटिल डाॅरिथ’ (1855-57), और ’अवर म्युचुअल्स फ्रेंड’ (1864-65) प्रमुख उपन्यास रहे।

जैसे-जैसे चाल्र्स लेखन में उन्नति करके आगे बढ़ते रहे, वैसे-वैसे इनका ज्यादा से ज्यादा मोहभंग होता चला गया। इनके लेखन कार्य में आम आदमी का दर्द सदैव परिलक्षित होता था, लेकिन ’ब्लीक हाउस’ और ’अवर म्युचुअल फ्रेंड’ में इन्होंने समाज के प्रति अपने बढ़ते आक्रोश एवं क्रमिक उत्साह भंग को दर्शाया।

1858 में डिकेंस ने अपनी लेखन श्रृंखलाओं का पढ़ कर विक्रय किया। उनका यह तरीका तत्काल ही लोकप्रिय हो गया। यद्यपि इस प्रकार ये अपने पठन द्वारा ज्यादा अच्छे तरीके से संबंधित लेखन के बारे में बता पाते थे और इनका अनुवाद भी सटीक होता था। समग्र रूप से डिकेंस को 400 बार दोहराना पड़ता था। इस प्रकार के पठन से यह रुग्ण भी हो जाते व थक भी जाते, लेकिन इससे इनकी आमद बढ़ रही थी और ये अपने श्रोताओं के सीधे संपर्क में भी रहते थे।

1860 में शादी टूट जाने के पश्चात् डिकेंस ने स्थायी तौर पर अपने देहात के आवास पर रहना आरंभ कर दिया, जो चैथम के पास था। यह वह समय था जब 48 वर्षीय चाल्र्स एलन टेरनन नामक युवा अभिनेत्री के प्रेम प्रसंग में भी पड़ गए। यह प्रेम प्रसंग इनके निधन तक जारी रहा, लेकिन उसे बेहद गुप्त रखा गया। लेकिन इन संबंधों को मुश्किल से ही गुप्त रखा जा सकता है।

1869 में चाल्र्स ने लेखन कार्य का पठन कार्य करना बंद कर दिया। इनका स्वास्थ्य खराब रहने लगा था। यह ’एडविन ड्रड’ पर कार्य कर रहे थे, जो 9 जून, 1870 को इनके निधन के कारण सदा-सर्वदा के लिए अपूर्ण ही रह गया। इनकी मृत्यु आकस्मिक रूप से हुई थी। किंतु इनका लेखन सदैव याद किया जाता रहेगा।


 

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