प्याज के अनसुने अनकहे फायदे एवं स्वास्थ्य लाभ : Health Benefits of Onion in Hindi

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Health Benefits of Onion In Hindi
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प्याज के अनसुने अनकहे फायदे एवं स्वास्थ्य लाभ : Health Benefits of Onion in Hindi

Health Benefits of Onion in Hindi


प्याज के फायदे

प्याज पूरे भारत में पाया जाता है। प्याज सफेद और लाल के भेद से दो प्रकार का होता है। प्याज एक उत्तेजक पदार्थ है इसलिए पाचन-सम्बंधी समस्त विकारों (बीमारी) में इसका प्रयोग किया जाता है। प्याज को लगभग प्रत्येक सब्जी, चपाती, चटनी, सांभर, सूप, सलाद और चाट तक में इस्तेमाल किया जाता है। प्याज के काटने पर प्याज से तेज गंध आती है। प्याज को सूंघने से बंद नाक खुल जाती है। प्याज कोलेस्ट्रॉल का ऑक्सीकरण करती है, जिसके परिणामस्वरूप कोलेस्ट्रॉल का स्तर घट जाता है। सुबह सोकर उठने पर कच्चे प्याज का 1 चम्मच रस लेना कोलेस्ट्राल का स्तर कम करने के लिए अच्छा रहता है।

प्याज की किस्मे – प्याज की कई तरह की किस्मे होती है जिनमे से मुख्य निम्न है

  • मीठा प्याज -तलकर खाने के लिए सबसे अच्छी वाली किस्म होती है यह प्यार की
  • लाल प्याज – यह कच्छा खाने में सबसे अच्छा होता है |
  • सफ़ेद प्याज – कच्छा या पकाकर कैसे भी आप इसे खा सकते है यह तो लाजवाब होता है |
  • पीला प्याज – हर तरह के खाने के लिए सबसे बेहतर होता है |

विभिन्न भाषाओं में नाम :
हिंदी                  प्याज, कांदा, लाल प्याज
संस्कृत               पलाण्डु, यवनेश्ट, मुखदूशक
बंगाली                पेंचाज
मराठी                कोंदा
गुजराती              कांदां, डुंगली, डुंगरी
तेलगू                 निरूली
तमिल                वंजयम
फारसी               पियाज
उर्दू                   प्याज
पंजाबी               पेंचाज
कुलनाम             लिलासेस
अंग्रेजी               ओनियन
वैज्ञानिक नाम       एलियम सेपा

रंग : इसका रंग सफेद और लाल होता है।

स्वाद : यह तीखा, चिकना, मीठा और कड़वा होता है।

स्वरूप : प्याज का क्षुप 60 से 90 सेमी ऊंचा होता है। प्याज के पत्ते लंबे, मांसल तथा पोले होते हैं। पुष्प दण्ड (फूल की डंडियां) हरे रंग की लंबी होती हैं जिसके आगे के भाग में छोटे श्वेत (सफेद) पुष्प होते हैं, कभी-कभी इसके साथ कलिका कन्द भी दिखलाई पड़ते हैं। फल त्रिकोष्ठीय होता है, जिसमें छोटे काले बीज होते हैं।

स्वभाव : यह प्रकृति में गर्म और खुश्क है।

 प्याज के औषधीय गुण निम्न हैं

प्याज पित्तनाशक, उत्तेजक और काफी नींद को लाते है। प्याज के बीज बलवर्द्धक, दंतकृमि (दांतों के कीड़े) और प्रमेह (धातु के विकार) को नाश करने वाले हैं। यह पीलिया, वातरोग, पित्तवर्धक, कफवर्धक, वेदनास्थापन (दर्द को कम करने वाला), शोथहर (सूजन को हरने वाला), व्रणशोथपाचन (जख्म की सूजन को कम करने वाला) और त्वचा के दोषों को दूर करने वाला है। प्याज दीपन (भूख को बढ़ाने वाला), पाचन (पचाने वाला), मूत्रल (पेशाब की मात्रा को बढ़ाने वाला) होता है। इसके अतिरिक्त यह शुक्राणुओं को उत्पन्न करने पाला, रक्तस्तम्भक, आर्तवजनन (मासिकस्राव लाने वाला), बाजीकरण (कामोद्दीपन), शक्तिवर्द्धक, खुजलीनाशक और चेहरे की चमक को बढ़ाने वाला वाला होता है।

प्याज में पाये जाने वाले विभिन्न तत्व :

          प्याज के फल में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, लौह, विटामिन ए, बी, तथा सी होते हैं। प्याज के फल और इसकी ताजी पत्तियों में कुछ गंध वाला उड़नशील तेल होता है। प्याज, खाना खाने की रुचि को बढ़ाता है, खाने को पचाने में सहायक होता है। प्याज यकृत (जिगर), तिल्ली (प्लीहा) तथ पित्त को उत्तेजित करता है, अधिक काम (संभोग शक्ति) करने योग्य बनाता है। अम्ल-पित्त (एसिडिटीज) को ठीक करता है। इसमें एक स्थिर तेल भी होता है, जिसमें एलाइड, प्रोपाइल, डाइसल्फाइड नामक पदार्थ होते हैं।

 प्याज का सेवन कैसे करें? प्याज क़े खास प्रयोग :

खाने को स्‍वादिष्‍ट बनाने के साथ-साथ प्‍याज एक बेहतरीन औषधि भी है। यह कई बीमारियों की रामबाण दवा है। प्याज में केलिसिन और रायबोफ्लेविन (विटामिन बी) पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। प्‍याज जीवाणुरोधी, तनावरोधी, दर्द निवारक, मधुमेह को कंट्रोल करने वाला, पथरी हटाने वाला और गठिया रोधी भी है। यह लू की रामबाण दवा है। इस स्‍लाइश शो के माध्‍यम से जनिए कि प्‍याज आपकी सेहत के लिए कितना फायदेमंद है

  • आधा कप सफेद प्‍याज के रस में गुड़ और पिसी हल्‍दी मिलाकर सुबह-शाम पीने से पीलिया में फायदा होता है. छोटे प्‍याज को छीलकर चौकोर काटकर नींबू के रस में भींगा दें, ऊपर से नमक काली मिर्च डाल दें. फिर इसे लें, इससे पीलिया ठीक हो जाता है.
  • बाल गिर रहे हों, तो बालों में प्याज का रस लगाना चाहिए. प्‍याज का लेप बाल में लगाने से बाल उगने शुरू हो जाते हैं.
  • अगर आपको दांतों से सम्बन्धित कोई समस्या है या आपके दांतों में पायरिया की शिकायत है, तो प्याज के टुकड़ों को गर्म कीजिए और दांतों के नीचे दबाकर मुंह बंद कर लीजिए. इस प्रकार 10-15 minute में लार मुंह में इकट्ठी हो जाएगी. उसे मुंह में चारों ओर घुमाइए फिर निकाल फेंक दीजिए. दिन में 4-5 बार 9-10 दिन ऐसा करें, पायरिया खत्म हो जाएगा.

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