पापी से नहीं पाप से बचो | Hindi Story on Crime

0
305

पापी से नहीं पाप से बचो

Hindi Story on Crime – Hindi Stories


ईसा भ्रमण करते-करते एक नगर में पहुँचे। अनेक व्यक्ति उनके सत्संग में आते तथा उनके उपदेशों से प्रभावित होकर लौटते।

नगर का साहूकार शहीन यहूदी धर्मात्मा व्यक्ति था। उसने ईसा को अपने निवास स्थान पर भोजन के लिए आमंत्रित किया। इसा ने भोजन के बाद उसे जीवन में धैर्य तथा क्षमा जैसे गुण अपनाने का उपदेश दिया।

इसी नगर की वेश्या मेरी भी ईसा के प्रवचनों से प्रभावित हुई उसने भी साहस कर ईसा को भोजन का आमंत्रण दिया। सरल हृदय ईसा आमंत्रण स्वीकार कर उसके भी गए घर चल

ईसा के कुछ शिष्यों में चर्चा होने लगी कि प्रभु ईसा को एक बदनाम वेश्या के घर भोजन करने नहीं जाना चाहिए था। इससे उनकी गरिमा पर आंच आ सकती है।

ईसा के कानों में यह बात पहुंची तो उन्होंने शिष्यों को समझाया कि हमें पापी से नहीं पाप से बचना चाहिए।

सत्संग का उद्देश्य ही यह है कि आदमी बुरे कामों को छोड़ दे तथा प्रायश्चित्त कर अच्छा बन जाए। यदि बुहारी (झाडू)
गंदगी तक नहीं पहुँचेगी तो सफाई कैसे करेगी?

और उसी दिन मेरी ने संयमपूर्वक रहने तथा लोगों की सेवा करने का संकल्प लिया वह अस्पताल में जाकर बीमारों की सेवा में समय लगाने लगी

कहनी की शिक्षा – पापी से नहीं पाप से बचो


आपको यह कहानी कैसी लगी कृप्या comment करके हमें जरुर बताएं….. आपका जीवन खुशियों से भरा रहे…

यह भी पढ़े : सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली हिंदी कहानियाँ :

पढ़े कहानियों का विशाल संग्रह : 

LEAVE A REPLY