Kashi Vishwanath Temple History In Hindi : काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी

0
28
Kashi Vishwanath Temple History In Hindi
Kashi Vishwanath Temple History In Hindi

हिन्दू धर्मपरायणों का विश्वास है कि काशी भगवान शंकर के त्रिशूल पर बसी है और प्रलय में भी इसका नाश नहीं होता। वरुणा और असि नामक नदियों के बीच बसी होने से इसे ‘वाराणसी’ कहते हैं। काशी भारत का धर्म हृदय है।

Kashi Vishwanath Temple History In Hindi : काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी


काशी विश्वनाथ मंदिर का निर्माण किसने करवाया :

यहाँ के दर्शनीय स्थानों में दशाश्वमेध घाट स्थित पुराना काशी विश्वनाथ मंदिर मुख्य है। यह मंदिर गोदौलिया चौक से आगे लक्ष्मी नारायण मारवाड़ी हिंदू अस्पताल के पीछे वाली सैंकरी गली में स्थित है। यह काशी के मुख्य मंदिरों में गिना जाता है। इसको कई सदी पूर्व राजा शिवोदास ने बनवाया था। मगर सत्रहवीं सदी में मुगल बादशाह औरंगजेब ने इसे तुड़वाकर यहाँ पर ज्ञानवापी मसजिद बनवा दी। ज्ञानवापी मसजिद प्राचीन भारतीय मंदिरों की स्थापत्यकला के दुर्लभ उदाहरणों में से एक है।

Kashi Vishwanath Mandir ka Punarnirman : पुनः निर्माण

वर्तमान विश्वनाथ मंदिर ज्ञानवापी मसजिद के ठीक बगल में बना हुआ है। इसे 1776 ई. में इंदौर की रानी अहिल्याबाई ने बनवाया था।

All Information of Kashi Vishwanath Mandir in Hindi :

पंजाब के महाराणा रणजीत सिंह ने सन् 1839 में इसके शिखर पर साढ़े बाईस मन सोने का पत्तर लगवा दिया। इस कारण इसे स्वर्ण मंदिर’ भी कहा जाता है।

अयोध्या, मथुरा, गया (कनखल-हरिद्वार), काशीकांची, अवंतिका (उज्जैन) तथा द्वारका-ये सात पुरियाँ हैं। इनमें भी काशी मुख्य मानी गई है।

लोक-विश्वास है कि काशी में कैसा भी प्राणी मरे, वह जीवनमरण से मुक्त हो जाता है और इस पर आस्था रखते हुए सहस्त्रों वर्षों से देश के कोने-कोने से लोग देहोत्सर्ग के लिए काशी आते रहे हैं । बहुत से लोग तो मरने के लिए काशी में ही निवास करते हैं। वे काशी से बाहर जाते ही नहीं। इसे ही ‘काशीवास’ कहा जाता है।

काशी भारत का प्राचीनतम विद्या केंद्र और सांस्कृतिक नगर है। यह किसी एक प्रांत, एक संप्रदाय या एक समाज का नगर नहीं है।

द्वादश ज्योतिर्लिगों में भगवान शंकर का विश्वनाथ नामक ज्योतिर्लिग काशी में है और इक्यावन शक्तिपीठों में से एक शक्तिपीठ (मणिकर्णिका विशालाक्षी) काशी में है। यहाँ सती का दाहिना कर्ण-कुंडल गिरा था। इनके भैरव कालभैरव हैं।

काशी विश्वनाथ मंदिर की कथा Kashi Vishwanath Story in Hindi

पुराणों में काशी की अपार महिमा वर्णित है। इसे ‘मंदिरों का नगर’ भी कहा जाता है। काशी विश्वनाथजी के बारे में प्रचलित कथा है कि एक दिन पार्वतीजी ने शंकरजी को सदा ससुराल में रहने का ताना दिया। तब शिवजी ने किसी अन्य निवास स्थान की खोज की। उन्हें दिवोदास राजा की काशी नगरी इतनी भायी कि हमेशा सीधी चाल चलने वाले शिवजी ने कई तिरछी चालें चलीं तथा दिवोदास को काशी छोड़ने को बाध्य दिया। काशी नगरी को अपने निवासस्थान के रूप में हासिल किया। तभी से काशी में शंकरजी स्थायी रूप से बस गए।

काशी के मुख्य घाट :

काशी के घाटों में छह घाट मुख्य माने जाते हैं वरुणाघाट, संगम घाट पंचगंगा घाट, मणिकर्णिका, दशाश्वमेध घाट, असी संगम घाट । इसके अलावा घाटों की कुल संख्या पचास-साठ के लगभग है।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय :

काशी हिंदू विश्वविद्यालय तो काशी का ही नहीं, भारत का प्रमुख शिक्षा संस्थान है। यह महामना पं. मदनमोहन मालवीयजी की अमर कीर्ति है। इसमें श्री युगल किशोर बिड़ला की विशेष चेष्ट से श्री विश्वनाथ का एक विशाल मंदिर बना है

काशी के पर्यटक स्थल :

यहाँ का भारतमाता मंदिर भी देखने योग्य है। इसमें संगमरमर पर भारत का नक्शा बड़े सुंदर ढंग से बनाया गया है वाराणसी में काशी विश्वनाथ के अलावा अन्य प्रमुख मंदिरों में तुलसीदास मंदिर, दुर्गा मंदिर, संकटमोचन मंदिर, भारतमाता मंदिर हैं। उत्तर भारतीय मंदिर निर्माणकला की नागर-शैली का यह प्रतिनिधित्व करता है।

तुलसीमानस मंदिर संगमरमर के पत्थरों से बनाया गया अत्यंत भव्य एवं आकर्षक है। यह मंदिर जिस स्थान पर बनाया गया, वहाँ पहले गोस्वामी तुलसीदास रहा करते थे। संकटमोचन मंदिर अत्यंत पुराना एवं सिद्ध मंदिर है।

माँ विशालाक्षी का मंदिर अत्यंत सुंदर तथा चित्ताकर्षक है, जो अनायास ही श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों का मन मोह लेता है।मुख्यद्वार के अंदर माँ की एक विशाल मूर्ति प्रतिष्ठित है। माँ के दर्शनों के लिए दक्षिण भारत के अधिकांश यात्री आते हैं।

इस तरह काशी विश्वनाथ की महिमा अपार है। देश-विदेश के तीर्थयात्री एवं पर्यटक इसे देखने आया करते हैं। धार्मिक स्थान होने के कारण वाराणसी को देश के प्रमुख शहरों से जोड़ा गया है। यहाँ रेल एवं बस सेवाएँ सदा उपलब्ध रहती हैं। यह नगर वायुमार्ग द्वारा हर बड़े शहर से जुड़ा है।

यहाँ ठहरने के लिए सस्ते-महंगे होटलों के अलावा टूरिस्ट बँगला, रेलवे रिटायरिंग रूम और अनेक धर्मशालाएँ हैं।


दोस्तों हमारा यह पोस्ट भी हमारे Religious Places in India, Temple in Hindi का ही हिस्सा है, आगे भी हम आपको  Religious Places in India, Temple in Hindi में अनेक दुसरे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी देते रहेंगें, अगर आपका कोई सवाल है तो आप Comment Box में लिखकर हमें भेज सकते है

If you like Kashi Vishwanath Temple History In Hindi : काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी , its request to kindly share with your friends on FacebookGoogle+Twitter, Pinterest and other social media sites

दोस्तों ऐसे अच्छे Post लिखने में काफी समय लगता है, आपके comments से हमारा Motivation Level बढ़ता है आप comment करने के लिए एक मिनट तो निकाल ही सकते है

LEAVE A REPLY