Mahatma Gandhi Biography in Hindi : महात्मा गांधी की जीवनी

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Mahatma Gandhi Biography in Hindi

Mahatma Gandhi Biography in Hindi भारत के राष्ट्रपिता और आज़ादी के महानायक महात्मा गाँधी का जीवन ऐसा था कि उससे हर व्यक्ति को बहुत कुछ सिखने को मिलता है आईये जानते है महात्मा गाँधी के जीवन के बारें में—

Mahatma Gandhi Biography in Hindi

 राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जीवन परिचय


जन्म : 2 अक्टूबर, 1869                                                                       मृत्यु : 30 जनवरी, 1948

जन्मस्थान – पोरबंदर, गुजरात
पिता – करमचंद
माता – पूतळाबाई


 

जन्म और प्रारंभिक जीवन : Mahatma Gandhi Biography in Hindii

महात्मा और बापू के नामों से पुकारे जाने वाले मोहनदास करमचंद गांधी का जन्म गुजरात के पोरबंदर शहर में हुआ था। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा काठियावाड़ में लेने के बाद लंदन के यूनिवर्सिटी कॉलेज से कानून की डिग्री हासिल की।

गाँधी जी का विवाह कस्तूरबा जी से हुआ

इसके बाद वे भारत लौट आए और बंबई में अपनी वकालत जमाने की कोशिश करने लगे लेकिन सफल नहीं हुए।

दक्षिण अफ्रीका में शुरू की आजादी की लड़ाई : Mahatma Gandhi Biography in Hindi

इसी बीच दक्षिण अफ्रीका में कारोबार करने वाली एक भारतीय फर्म ने मोहनदास को अपने डरबन स्थित कार्यालय में
कानूनी सलाहकार के रूप में रख लिया वहां गांधी जी ने देखा कि गोरों की सरकार प्रवासी भारतीयों को अनेक नागरिक और राजनीतिक अधिकारों से वंचित रखे हुए है।

वे पूरे 20 साल तक दक्षिण अफ्रीका में रहे। वहां भारतीयों को मूलभूत नागरिक अधिकार दिलाने की लड़ाई लड़ते हुए वे कई बार जेल गए। अफ्रीका में उस समय बहुत ज्यादा नस्लवाद हो रहा था

नस्लभेद का आलम यह था कि एक बार गांधी जी गोरों वाले ट्रेन के कंपार्टमेंट में चढ़ गए तो उन्हें नीचे धकेल दिया गया। वहां उन्होंने सरकार के विरुद्ध असहयोग आंदोलन संगठित किया।

वे अमेरिका के लेखक हेनरी डेविड थोरो के प्रसिद्ध निबंध ‘सिविल डिसओबेडिएंस (सिविल नाफरमानी) से बेहद प्रभावित हुए। गांधी जी टोल्सटोय की शांतिप्रियता और जीसस क्राइस्ट की सहिष्णुता व क्षमाशीलता से भी बहुत प्रेरित हुए।

अंततः उन्होंने इन विभूतियों के विचारों एवं सिद्धांतों के आधार पर ‘सत्याग्रहका मार्ग निकाला। प्रथम विश्वयुद्ध की समाप्ति के बाद भारत में ‘होमरूल’ का अभियान तेज हो गया। 1919 में ब्रिटिश संसद ने ‘रोलेट एक्ट’ पास कर भारतीय उपनिवेश के आधिकारियों को कुछ आपातकालीन अधिकार प्रदान किए तो गांधी के सत्याग्रह आंदोलन को बल मिला और लाखों की संख्या में लोग इस आंदोलन में कूद पड़े।

उसी समय भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद देश की स्वाधीनता के लिए अलग हिंसक क्रांतिकारी से आंदोलन चला रहे थे लेकिन गांधी जी का मानना था कि हिंसा के रास्ते से देश आजाद नहीं हो सकता।

गाँधी जी का सम्मान बढ़ाते तथ्य : Mahatma Gandhi Biography in Hindi

भारत की आज़ादी में महात्मा गाँधी का योगदान (1916-1947) : Contribution of Mahatma Gandhi for Independence

खेड़ा गांव में पहला आश्रम बनाया : गुजरात के खेड़ा गाँव में एक आश्रम बनाकर उन्होंने तथा उनके समर्थकों ने इस गाँव की सफाई का कार्य आरम्भ किया तथा विद्यालय व् अस्पताल भी निर्मित किये गए, महिलायो को आत्मा निर्भर बनने की शिक्षा दी गयी, खेड़ा सत्याग्रह के कारण गाँधी जी  को गिरफ्तार कर यह जगह छोड़ने का आदेश दिया गया, जिसके विरोध में लाखों लोगों ने प्रदर्शन किया, गांधी जी के समर्थक व् हज़ारों लोगों ने रैलियां निकालीं तथा उन्हें बिना किसी शर्त रिहा करने के लिए आवाज़ उठाई जिसके फलस्वरूप उन्हें रिहाई मिली

खेड़ा तथा चम्पारण में सत्याग्रह में सफलता पाने के बाद महात्मा गांधी पूरे देश के बापू बन गए

असहयोग आंदोलन : 1921 में गांधी जी द्वारा आरम्भ किया गया असहयोग आन्दोलन (Non-cooperation Movement) अंग्रेजों के खिलाफ ब्रह्मास्त्र साबित हुआ, असहयोग आंदोलन का बहुत विस्तार हुआ पर इससे साथ साथ इसमें आपस में ही लोगो में  द्वेष बढ़ गया और आंदोलन हिंसा का रूप न लेले गाँधी जी ने इस आंदोलन को वापस ले लिए और गांधी जी को  गिरफ्तार किया गया 1922, में उन्हें  छह साल कैद की सजा सुनाकर जैल भेद दिया गया।बाद में २ साल बाद ही उन्हें रिहा कर दिया गया

नमक सत्याग्रह :  गांधी जी ने 12 मार्च से 6 अप्रेल 1930 में नमक पर कर लगाए जाने के विरोध में नया सत्याग्रह चलाया जिसे नमक आंदोलन के याद में 400 किलोमीटर (248 मील) तक का सफर अहमदाबाद से दांडी, गुजरात तक चलाया गया .जिसे दांडी यात्रा कहा गया जिसका उद्देश्य था भारतीय स्वय  नमक का उत्पाद कर सके । अंग्रेजों ने इस आंदोलन में 80,000 से अधिक लोगों को जेल भेजा।

हरिजन आंदोलन : 1932 में दलित लोगो को गाँधी जी ने हरिजन कहकर संबोदित किया | और हरिजन के लिए एक हरिजन समाचार पत्र  शुरू किया

भारत छोड़ो आन्दोलन : गाँधी जी ने  ब्रिटिश केबीनेट मिशन के प्रस्ताव को  स्वीकार नहीं करना चाहते थे वह जानते थे यह भारत को २ हिस्सो में बाँट देगा ।पर वह यह भी जानते थे हिन्दू मुस्लिम में फूट पढ़ चुकी है और इस लड़ाई को यही रोकने के लिए उन्होंने भारत विभाजन की अनुमति दे दी

गाँधी जी की मृत्यु : Mahatma Gandhi Biography in Hindi

गांधीजी की 30 जनवरी को प्रार्थना सभा में नाथूराम विनायक गोडसे ने गोली मारकर हत्‍या कर दी। महात्‍मा गांधी की समाधि दिल्ली के राजघाट में है।

गाँधी जी ने सत्याग्रह और अहिंसक संघर्ष के जरिए भारत को ब्रिटेन की दस्ता से मुक्त कराया। उनका यह एतिहासिक और अभूतपूर्व प्रयोग पूरी दुनिया के लिए मिसाल बना, गाँधी जी मानते थे की सच्चाई की हमेशा जीत होती है देश के स्वाधीन होने पर उन्हें राष्ट्रपिता घोषित किया गया।

महात्मा गाँधी के शुद्ध विचारों का यह विडियो जरुर देखें : 


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