On Page Search Engine Optimization in Hindi : On Page SEO in Hindi

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On Page SEO in Hindi

On Page SEO in Hindi

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On Page Search Engine Optimization (S.E.O) in Hindi

ऑन पेज सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन


जब आप अपनी Website या Blog को search Engine Friendly बनाने के लिए, जो Factors आप अपनी site में use करते है, उसे On Page SEO ( On Page Search Engine Optimization) कहते है, इसमें आपको content quality, Text, Images, keyword optimization, title, tags, URL को optimize करना होता है

ऑन पेज सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन एक तकनीक है जिस से आप एक वेबपेज को को सर्च इंजन के के अनुकूल बनाते हैं। वेबसाइट पर आपका दिया हुआ कंटेंट और उसका HTML याने की उसका कोड दोनो को सर्च इंजन के अनुकूल बनाया जा सकता है

सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन में अब हम देखेंगे कि आप अपने वेब साइट में क्या-क्या कर सकते हैं जिससे आप अपनी वेबसाइट को सर्च इंजन के अनुकूल बना सकते हैं


1. Content –

कंटेंट यानि की आपके वेब पेज पर क्या लिखा हुआ है वही उसको एक सर्च इंजन के रिजल्ट में आने के योग्य बनाता है। अगर कोई यूजर आकर आपकी वेब पेज पर दिया गया कंटेंट पढ़ता है और वह उसे पसंद आता है और उस पेज पर वह ज्यादा समय बिताता है तो इससे सर्च इंजिंस को यह पता लगता है कि आपकी वेबसाइट पर कुछ अच्छा लिखा गया है और यह सच रिजल्ट में ऊपर आने की ज्यादा योग्य है।

सर्च इंजन और सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के नजरिए से देखा जाए तो अच्छे कंटेंट के 2 गुण होते हैं। पहला गुण यह है कि एक अच्छा कंटेंट एक डिमांड की पूर्ति करता है। यह विश्व की स्टॉक मार्केट की तरह भी है। अब मान लीजिए आप एक वेबसाईट चलाते हैं जिसमें आप बेहतर स्वास्थ्य के बारे में लिखते हैं। इस कंटेंट की डिमांड है क्योंकि ज्यादा लोग यह जानना चाहते हैं कि बेहतर स्वास्थ्य कैसे पाया जाए। यही आप दूसरा कंटेंट देखें जिसमें कोई यह बताता है कि आप बिल्डिंग से किस तरह से कूद सकते हैं तो इस कंटेंट की कम डिमांड होगी या ना के बराबर डिमांड होगी।

यह एक मोस्ट इम्पोर्टेन्ट factor है, On page SEO के लिए आपका content ही काफी है, आपकी वेबसाइट को रैंक करवाने के लिए, आपको अपना कंटेंट बहुत ही अच्छा लिखना होगा और कम-से-कम आप 1000 word तो use करो अगर ज्यादा कर सकते हो तो अच्छी बात है site ranking ke liye और जो आप कंटेंट लिखोगे वो आपका खुद का बना हुआ होना चाहिए कही से कॉपी नहीं करना चाहिए

ज्यादा वेबसाइट्स अच्छे कंटेंट के अच्छे आर्टिकल्स पर लिंक करती हैं। अगर दूसरी वेबसाइट्स आपकी वेबसाइट पर दिए गए कंटेंट का रिफरेंस या लिंक नहीं करती हैं तो शायद सर्च इंजन आपकी वेबसाइट या वेब पेज को ज्यादा ऊपर रैंक ना करें


2. Blog Post Title – Title Tag – 

आपके post का title एक बहुत ही ज्यादा महतवपूर्ण on-page SEO factor है, आपके blog post का title जितना ज्यादा बढ़िया होगा, उतने ही ज्यादा लोग आपके blog के लिंक पर click करेंगे,  दूसरे शब्दों में अगर कहें, तो जितने ज्यादा आपके post पर click होंगे, उतनी बेहतरीन आपकी ranking होगी, इससे आपका CTR(Click through Rate) भी increase होगा

एक अच्छा टाइटल टैग कैसे बनाये

  • आपके post के Title में 65 Words से ज्यादा नहीं होने चाहिए, क्यों कि google 65 words से बड़ा title Show नहीं करता
  • आप अपने target keyword को अपने blog post के title में ज़रूर use करें

Good Tital – What is SEO in Hindi | Learn Search Engine Optimization In Hindi

Bad Title:- SEO Kya Hai – What is SEO ? – SEO Tips in Hindi

इसमें आप देख सकते है कि पहले वाले tital में कोई भी Word repeat नहीं है, लेकिन दुसरे वाले में SEO Word 3 बार आया है

नीचे हम Shudhvichar.com के उदहारण के ज़रिये यह समझने की कोशिश करेंगेग की टाइटल टैग का Google सर्च में क्या महत्व है। जो भी नीले रंग में लिखा है (इस उदहारण में ShudhVichar) और जिसे क्लिक किया जा सकता है वह टाइटल टैग में उल्लेखित होता है

टाइटल टैग क्यों महत्वपूर्ण हैं? टाइटल टैग सर्च इंजन को आपके वेबपेज के बारे में समझने में सहायता करने में एक प्रमुख कारक हैं, और वे आपके वेबपेज के अधिकांश लोगों पर पहली छाप हैं। टाइटल टैग तीन प्रमुख स्थानों में उपयोग किया जाता है:

  1. सर्च इंजन परिणाम पृष्ठ (सर्च इंजन रिजल्ट पेज): आपका टाइटल टैग निर्धारित करता है (कुछ अपवादों के साथ) की सर्च इंजन परिणाम पृष्ठ में किसी व्यक्ति का आपकी साइट से पहला अनुभव कैसा है। यहां तक ​​कि अगर आपकी साइट अच्छी तरह से रैंक करती है, तो एक अच्छा शीर्षक ही यह निर्धारित करने में मेक-या-ब्रेक फैक्टर हो सकता है – कि कोई व्यक्ति आपके लिंक पर क्लिक करता है या नहीं।
  2. वेब ब्राउज़र : आपका शीर्षक टैग आपके वेब ब्राउज़र के शीर्ष पर प्रदर्शित होता है और प्लेसहोल्डर के रूप में कार्य करता है, एक टाइटल टैग में शुरू में महत्वपूर्ण कीवर्ड (खोजशब्दों) के साथ आप यह सुनिष्चित कर सकते हैं की लोग आपकी साइट को आराम से पहचान पाएं।
  3. सोशल नेटवर्क जैसे फेसबुक और ट्विटर: सोशल नेटवर्क आपके टाइटल टैग का उपयोग यह निर्धारित करने के लिए करेंगे कि जब आप आपका वेबपेज को शेयर किया जाता है तो क्या प्रदर्शित होगा। एक अच्छा टाइटल टैग यह सुनिष्चित करेगा की आपकी वेबसाइट को लोग सोशल मीडिया पर पहचाने और उस पर क्लिक करके आपकी वेबसाइट पर आएं।

3. Post Permalink Structure – URL (Uniform Resource Locator) Structure – 

Post के title के बाद दूसरी सबसे महत्वपूर्ण चीज़ जो आपको ध्यान से set करनी चाहिए वो है आपकी पूरी site का permalink structure या URL structure, पोस्ट का URL  simple और छोटा रखना चाहिए, और इसमें keyword जरुर होना चाहिए

वेबसाइट का लिंक या एक वेब पेज का लिंक एक एड्रेस या पता होता है जो हर वेबपेज के लिए Unique होता है| नीचे हमने कुछ उदाहरण दिए हैं URL के

https://www.jagran.com/

https://www.jagran.com/state/uttar-pradesh

https://www.jagran.com/latest-news.html

यह एक ही डोमेन के अलग-अलग URL है| URL को यूनिफार्म रिसोर्स लोकेटर भी कहते हैं| इसे एक वेब एड्रेस भी कहते हैं| सभी ब्राउज़रों में सही ढंग से प्रस्तुत करने के लिए, URL 2,083 वर्णों से कम होना चाहिए। एक यूआरएल मानव-पठनीय पाठ है, जो कि संख्याओं (आईपी पते) को बदलने के लिए डिज़ाइन किया गया था जो कि कंप्यूटर सर्वरों के साथ संवाद करने के लिए उपयोग करते हैं

ऊपर बॉक्स में shudhvichar.com का URL है


4. Meta Description – मेटा विवरण –
Meta Description HTML का वह गुण हैं जो वेबपेज के संक्षिप्त सारांश प्रदान करते हैं। दुसरे शब्दों में कहें  तो Meta Description आपके post का Short Description है और यह बताने के लिए है कि इस post में किस तरह की इनफार्मेशन है
वे आमतौर पर सर्च इंजन परिणाम पृष्ठ में नीले क्लिक करने योग्य लिंक के नीचे दिखाई देते हैं। आइए फिर से Shudhvichar का उदाहरण लेते है

ऊपर बॉक्स में दी गई जानकारी आमतौर पर किसी वेब पेज के मेटा टैग में निर्दिष्ट होती है

मेटा विवरण (या डिस्क्रिप्शन) किसी भी लम्बाई हो सकता है, लेकिन सर्च इंजन आमतौर पर 160 अक्षर से अधिक अक्षरों को छोटा कर देता हैं


5. Images and Videos – 

आजकल का जमाना images और Videos का है और लोग पढने की जगह देखना ज्यादा पसंद करते हैं, इस चीज़ को ध्यान में रखते हुए search engines ने भी media और Videos का use करनी वाली sites की ranking को improve करना शुरू कर दिया है,  इसलिए आपके लिए यह जरुरी हो जाता है कि आप अपने हर एक blog post जिसे कि आप किसी भी keyword के लिए targeted बनाना चाहते हैं, उसमे images और दूसरे media जैसे की videos आदि का प्रयोग करें

आप अपने ब्लॉग पर अपने आर्टिकल से रिलेटेड विडियो अपलोड कर सकते हो, विडियो अपलोड करने से विजिटर आपकी साईट पर थोड़ी देर तक रुक जाता हैं जिससे आपका बाउंस rate कम होता हैं


6. ऑल्ट टैग – Alt Text (वैकल्पिक शब्द) – 
ऑल्ट टैग या ऑल्ट टेक्स्ट या वैकल्पिक शब्द एक वेबपेज पर Use, Featured Image का वर्णन है, सर्च इंजन, इमेज सर्च के लिए और आपकी वेबसाइट पर बेहतर जानकारी के लिए इनका उपयोग करते हैं, On Page Search Engine Optimization के लिए Alt Tag में targeted keyword का प्रयोग किया है

7. Word Count Per Post – Make your Blog post Lengthy – 

एक चीज़ आम देखी गयी है कि जिन भी posts की length काफी ज्यादा होती है उनकी ranking हमेशा बढ़िया होती है, इसकी सबसे बड़ी Example Wikipedia है.

आपने देखा होगा कि wikipedia के सभी articles बहुत ज्यादा लम्बे होते हैं अर्थात उनका word count per post बहुत ज्यादा होता है. इसलिए उनकी ranking भी अक्सर number 1 होती है, लेकिन इसका अर्थ ये भी नहीं कि आप अपने post की stuffing करी जाएँ और फालतू का content लिखी जाएँ

आपको इसलिए बढ़ी चालकी से बढ़िया content लिखना चाहिए और जितनी ज्यादा बातें आप अपने posts में बताएं उतना ही बेहतर होगा, Readers को bore होने से बचाने के लिए media का content में throughout use कीजिये

posts की length ज्यादा होने से हमारी site पर लोग ज्यादा समय बिताते है, जो google को यह बताता है कि Visitorहमारा Content ज्यादा पसंद करते है, इससे हमारी site का Bounce Rate भी कम हो जाता है


8. Internal Linking – सभी Blogs को आपस में Internally Link करें –

एक वेबसाइट के एक post को दुसरें post से जोड़ना ही Internal Linking हैInternal Linking का सबसे अच्छा Example है – Wikipedia, आपने देखा होगा कि चाहे कोई भी wikipedia article हो, उसमे बहुत ज्यादा internal linking की होती है, आपको भी अपने blog posts में related content के साथ Internal Linking करनी चाहिए, एक अच्छी Internal Linked site, google यह बताती है कि यह site बहुत ही Resourceful है

ऐसा करने से न सिर्फ Search Engine को यह पता चलेगा की आपके post में कई अन्य important posts भी हैं! बल्कि यह आपके Traffic के लिए भी useful होगा और इस तरह से आपके अन्य articles को भी Traffic आसानी से मिलेगा, ऐसा कर आप अपने blog Bounce-rate decrease कर, अपना Blog Traffic Increase कर सकतें है


9. External Linking – 

External linking की बात करें तो एक और important चीज़ है, जब आप अपनी वेबसाइट पर किसी दूसरी वेबसाइट का लिंक डालते है तो उसको External Linking कहते है, जिस प्रकार Wikipedia में internal linking की होती है उसी प्रकार वे एक Reference का अलग से section बनाकर External Linking भी करते हैं, आपको भी आपके article में अलग-अलग जगह पर जहाँ पर ज़रुरत पड़े, external linking भी करनी चाहिए


10. Keyword Density – 

Keyword Density भी आजकल कुछ ख़ास important factor नहीं रह गया है क्योंकि जो चीज़ सबसे ज्यादा matter करती है वो है आपके content की quality, फिर भी यदि आप किसी बहुत ही ज्यादा targeted keyword के लिए article लिख रहें है तो आपके लिए यह बढ़िया होगा कि आप main keyword + उससे मिलते जुलते कुछ और words को मिलकर keyword density लगभग 1.5% रखें


11. Website की Speed Increase करें –  

अगर हमारी Website की Speed कम है तो search Engines हमारी site की रैंकिंग घटा देता है, इसका दूसरा नुकसान यह है कि अगर हमारी Website की Speed कम है और उसे open होने में समय लग रहा है तो visitors वापिस चले जायेंगें और Bounce rate बढ़ जायेगा और site की रैंकिंग कम हो जाएगी, तो जितना हो सकते अपनी साईट की स्पीड अच्छी fast रखे

कुछ important Points है, जिसे ध्यान में रखकर आप अपनी साईट की speed fast कर सकते हो:-

  • कभी भी ज्यादा हैवी templates choose मत करो सिंपल सी theme लेना चाहिए, अगर हैवी Theme ले ली है, तो उसको web Developer से optimize करा लें
  • ज्यादा plugins का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए
  • Image का size कम-से-कम रखना चाहिए
  • W3 Total cache और WP super cache plugins का use करो

12. Website Should be Responsive for all devises – 

आज कल लोग किसी भी चीज़ को search करने के लिए Computer की जगह Mobile Phones या Tablets का use करते है, अगर आपकी Website सभी devises के लिए Responsive नहीं है तो आपकी वेबसाइट की रैंकिंग कम हो जाएगी 


13. Use LSI Keywords – 

LSI कीवर्ड का मतलब होता है Latent Semantic Indexing(LSI)Keywords, इसमें आपको अपने आर्टिकल में Targeting keyword के अलावा कुछ ऐसे भी वर्ड ऐड करने होते जो आपके सब्जेक्ट से रिलेटेड हो या आपके Keyword से Related हो, LSI keyword सबसे बेस्ट और आसान तरीका है! जिससे आप अपने आर्टिकल को easily google search result में फर्स्ट पेज पर ला सकते हो

उदाहरण के लिए मेरा जो टॉपिक है “On Page SEO In Hindi” के उपर तो में अपने आर्टिकल में अपना टार्गेटिंग कीवर्ड तो लूँगा ही साथ-ही-साथ कुछ ऐसे वर्ड भी लूँगा जो मेरे टार्गेटिंग कीवर्ड से मिलते जुलते हो.

उदाहरण के लिए: On page seo factors, On page optimization checklist और भी कुछ इस तरह के बहुत सारे कीवर्ड, LSI keyword को आप Meta Description और SEO Tital में भी Apply कर सकते हो, इससे आपके पोस्ट का Search Criteria भी बढ़ता है,

आप आगे दिए लिंक https://lsigraph.com/ का प्रयोग भी LSI Keywords के लिए कर सकते है


 

 

14. Social widget का उपयोग करें – 

Sharing Widget आपकी Website के ON Page SEO Optimization में बहुत ही बड़ा रोल Play करता है, आपके Blog Content or Post को Share करने के लिए Social Sharing Widget का होना जरुरी हैं क्यूँकि जीतना ज्यादा शेयर उतना ज्यादा ट्रैफिक, Sharing से एक और फायदा होता है, कि जब Google आपकी साईट को तो Crowl करता ही है लेकिन जब यह दूसरी साइट्स को भी crowl करता है तो वहां पर आपकी साईट का लिंक होने से यह तब भी इसे crowl करता है, इसलिए हमेशा Sharing Button का इस्तेमाल करे


15. Update Your Posts Regularly –

दोस्तों यह भी एक Important Factor है आपकी Website के ON Page SEO Optimization के लिए बहुत जरुरी है, हालांकि यह काफी time consuming है लेकिन अगर आप ऐसा नहीं करते है तो कुछ समय बाद ही आपके Visitors कम हो सकते है, और आपकी साईट की रैंक कम हो सकती है इसीलिए अपने blog या Website को Weekly या Monthly basis पर Update करना न भूले


16. Table content – 

लोगो को ज्यादातर इस बारें मै नही पता की टेबल ऑफ़ कंटेंट होता क्या हैं और इसको हम कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं

अगर अपने विकिपीडिया को देखा होगा तो वहाँ पर आपको Contents [hide] करके एक नेविगेशन दिखेगी इससे कोई भी विजिटर जब किसी वर्ड पर क्लिक करता हैं तो वो उस title के पास अपने आप पहुच जाता है, अगर ये तरीका आप अपने ब्लॉग में ऐड करोगे तो यह आपके पोस्ट की ranking को इनक्रीस करने में काफी हेल्प करेगा


17. Website Navigation –

अपनी साईट की नेविगेशन easy to use रखना चाहिए, जिससे कोइ भी विजिटर और गूगल को एक पेज से दूसरे पेज में जाने में कोई परेशानी ना हो


18. Heading Tags – 

आप अपने आर्टिकल मैं हैडिंग टैग्स जरुर यूज करें जिससे रीडर को आपके आर्टिकल को समझने में और भी ज्यादा आसानी हो सके

अगर आप WordPress यूजर हो तो आपको H1 tag लगाने की कोई जरूरत नही हैं, क्योंकि WordPress आपके title को ऑटोमेटिकली H1 tag मै कर देता हैं

एक बात का जरुर ध्यान रखे की आप अपने आर्टिकल में 1 से ज्यादा h1 tag का इस्तेमाल ना करें, उसकी जगह आप आर्टिकल में H2 और H3 tags का इस्तेमाल कर सकते हो


 

On Page Search Engine Optimization के लिए कुछ Important Points – 

Keyword Placement के बारे में:

  • Title में keyword
  • Permalink में keyword
  • पहले paragraph में keyword
  • Image के alt tag में keyword
  • Throught Post में LSI keywords
  • Headings में keywords
  • 1.5% overall keyword density

कुछ चीज़ें जो बिलकुल न करें:

एक से ज्यादा H1 Tags को बिलकुल न use करें. आपके post का title already H1 में होता है

Same H2 और H3 Tags को repeat न करें

Keywords को article में stuff न कीजिये


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दोस्तों ऐसे अच्छे Post लिखने में काफी समय लगता है, आपके comments से हमारा Motivation Level बढ़ता है आप comment करने के लिए एक मिनट तो निकाल ही सकते है

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