Shrimad Bhagavad Geeta Quotes In Hindi : श्रीमद् भगवद् गीता के सुविचार एवं अनमोल वचन

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Shrimad Bhagavad Geeta Quotes In Hindi
Shrimad Bhagavad Geeta Quotes In Hindi

Shrimad Bhagavad Geeta Quotes In Hindi : श्रीमद् भगवद् गीता के सुविचार एवं अनमोल वचन

Shrimad Bhagavad Geeta Quotes In Hindi

श्रीमद् भगवद् गीता के महावाक्य


श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : क्यों व्यर्थ की चिंता करते हो? किससे व्यर्थ डरते हो? कौन तुम्हें मार सक्ता है? आत्मा ना पैदा होती है, न मरती है

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : जो हुआ, वह अच्छा हुआ, जो हो रहा है, वह अच्छा हो रहा है, जो होगा, वह भी अच्छा ही होगा। तुम भूत का पश्चाताप न करो। भविष्य की चिन्ता न करो। वर्तमान चल रहा है

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : तुम्हारा क्या गया, जो तुम रोते हो? तुम क्या लाए थे, जो तुमने खो दिया? तुमने क्या पैदा किया था, जो नाश हो गया? न तुम कुछ लेकर आए, जो लिया यहीं से लिया। जो दिया, यहीं पर दिया। जो लिया, इसी (भगवान) से लिया। जो दिया, इसी को दिया।

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : खाली हाथ आए और खाली हाथ चले। जो आज तुम्हारा है, कल और  किसी का था, परसों किसी और का होगा। तुम इसे अपना समझ कर मग्न हो रहे हो। बस यही प्रसन्नता तुम्हारे दु:खों का कारण है।

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : परिवर्तन संसार का नियम है। जिसे तुम मृत्यु समझते हो, वही तो जीवन है। एक क्षण में तुम करोड़ों के स्वामी बन जाते हो, दूसरे ही क्षण में तुम दरिद्र हो जाते हो। मेरा-तेरा, छोटा-बड़ा, अपना-पराया, मन से मिटा दो, फिर सब तुम्हारा है, तुम सबके हो।

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : न यह शरीर तुम्हारा है, न तुम शरीर के हो। यह अग्नि, जल, वायु, पृथ्वी, अाकाश से बना है अौर इसी में मिल जायेगा। परन्तु अात्मा स्थिर है – फिर तुम क्या हो?

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : तुम अपने अापको भगवान के अर्पित करो। यही सबसे उत्तम सहारा है। जो इसके सहारे को जानता है वह भय, चिन्ता, शोक से सर्वदा मुक्त है।

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : जो कुछ भी तू करता है, उसे भगवान के अर्पण करता चल। ऐसा करने से सदा जीवन-मुक्त का अानंन्द अनुभव करेगा

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : मनुष्य अपने विश्वास से निर्मित होता है.जैसा वो विश्वास करता है वैसा वो बन जाता है 

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : व्यक्ति जो चाहे बन सकता है यदी वह विश्वास के साथ इच्छित वस्तु  पर लगातार चिंतन करे

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : इस जीवन में ना कुछ खोता है ना व्यर्थ होता है 

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : मन  अशांत है और उसे नियंत्रित करना कठिन है, लेकिन अभ्यास से इसे वश में किया जा सकता है 

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : नरक के तीन द्वार हैं : वासना, क्रोध और लालच 

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : ज्ञानी व्यक्ति को  कर्म के प्रतिफल की अपेक्षा कर रहे  अज्ञानी व्यक्ति के दीमाग को अस्थिर नहीं करना चाहिए 

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : हर व्यक्ति का विश्वास उसकी प्रकृति के अनुसार होता है

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : मैं सभी प्राणियों को सामान रूप से देखता हूँ; ना कोई मुझे कम प्रिय है ना अधिक. लेकिन जो मेरी प्रेमपूर्वक आराधना करते हैं वो मेरे भीतर रहते हैं और मैं उनके जीवन में आता हूँ 

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : उससे मत डरो जो वास्तविक नहीं है, ना कभी था ना कभी होगा.जो वास्तविक है, वो हमेशा था और उसे कभी नष्ट नहीं किया जा सकता 

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : जन्म लेने वाले के लिए मृत्यु उतनी ही निश्चित है जितना कि मृत होने वाले के लिए जन्म लेना, इसलिए जो अपरिहार्य है उस पर शोक मत करो 

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : निर्माण केवल पहले से मौजूद चीजों का प्रक्षेपण है

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : अप्राकृतिक कर्म बहुत तनाव पैदा करता है

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : आत्म-ज्ञान की तलवार से काटकर अपने ह्रदय से अज्ञान के संदेह को  अलग कर दो, अनुशाषित रहो 

 श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : प्रबुद्ध व्यक्ति के लिए, गंदगी का ढेर, पत्थर, और सोना सभी समान हैं 

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : किसी और का काम पूर्णता से करने से कहीं अच्छा है कि अपना काम करें , भले ही उसे अपूर्णता से करना पड़े.

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : मैं उन्हें ज्ञान देता हूँ जो सदा मुझसे जुड़े रहते हैं और जो मुझसे प्रेम करते हैं

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : सभी अच्छे काम छोड़ कर बस भगवान में पूर्ण रूप से समर्पित हो जाओ, मैं तुम्हे सभी पापों से मुक्त कर दूंगा, शोक मत करो 

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : लोग आपके अपमान के बारे में हमेशा बात करेंगे. सम्मानित व्यक्ति के लिए , अपमान मृत्यु से भी बदतर है 

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : मन की गतिविधियों, होश, श्वास, और भावनाओं के माध्यम से भगवान की शक्ति सदा तुम्हारे साथ है; और लगातार तुम्हे बस एक साधन की तरह प्रयोग कर के सभी कार्य कर रही है 

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : जो मन को नियंत्रित नहीं करते उनके लिए वह शत्रु के समान कार्य करता है

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : प्रबुद्ध व्यक्ति सिवाय ईश्वर के किसी और पर निर्भर नहीं करता

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : हे अर्जुन, केवल भाग्यशाली योद्धा ही ऐसा युद्ध लड़ने का अवसर पाते हैं जो स्वर्ग के द्वार के सामान है

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : कभी ऐसा समय नहीं था जब मैं , तुम ,या ये राजा-महाराजा अस्तित्व में नहीं थे, ना ही भविष्य में कभी ऐसा होगा कि हमारा अस्तित्व समाप्त हो जाये

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : मेरी कृपा से कोई  सभी कर्तव्यों का निर्वाह करते हुए भी बस मेरी शरण में आकर  अनंत अविनाशी निवास को प्राप्त करता है

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : ज्ञानी व्यक्ति ज्ञान और कर्म को एक रूप में देखता है, वही सही मायने में  देखता है 

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : क्रोध से  भ्रम  पैदा होता है. भ्रम से बुद्धि व्यग्र होती है. जब बुद्धि व्यग्र होती है तब तर्क नष्ट हो जाता है. जब तर्क नष्ट होता है तब व्यक्ति का पतन हो जाता है |

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : अपने अनिवार्य कार्य करो, क्योंकि वास्तव में कार्य करना निष्क्रियता से बेहतर है.

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : भगवान प्रत्येक वस्तु में है और सबके ऊपर भी

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : जो कार्य में निष्क्रियता और निष्क्रियता में कार्य देखता है वह एक बुद्धिमान व्यक्ति है

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : सदैव संदेह करने वाले व्यक्ति के लिए प्रसन्नता ना इस लोक में  है ना ही कहीं और 

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : बुद्धिमान व्यक्ति कामुक सुख में आनंद नहीं लेता

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : मैं धरती की मधुर सुगंध हूँ . मैं अग्नि की ऊष्मा हूँ, सभी जीवित प्राणियों का जीवन और सन्यासियों का आत्मसंयम हूँ.

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : आपके सार्वलौकिक रूप का मुझे न प्रारंभ न मध्य न अंत दिखाई दे रहा है

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : तुम उसके लिए शोक करते हो जो शोक करने के योग्य नहीं हैं, और फिर भी ज्ञान की बाते करते हो.बुद्धिमान व्यक्ति ना जीवित और ना ही मृत व्यक्ति के लिए शोक करते हैं

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : मैं उन्हें ज्ञान देता हूँ जो सदा मुझसे जुड़े रहते हैं और जो मुझसे प्रेम करते हैं

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : हे अर्जुन ! हम दोनों ने कई जन्म किये है मुझे याद है, परन्तु तुम्हे नहीं 

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : जब कोई व्यक्ति अपने कार्य में आनंद खोज लेता हैं, तब वह पूर्णता प्राप्त क्र लेता हैं 

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : स्वर्ग  प्राप्त  करने  और  वहां  कई  वर्षों  तक  वास  करने  के  पश्चात  एक  असफल  योगी  का  पुन:   एक  पवित्र  और  समृद्ध  कुटुंब  में  जन्म  होता  है 

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : मैं  सभी  प्राणियों  के  ह्रदय  में  विद्यमान  हूँ

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : ऐसा  कुछ  भी  नहीं, चेतन  या  अचेतन, जो  मेरे  बिना  अस्तित्व  में  रह  सकता  हो 

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : केवल मन  ही  किसी  का  मित्र  और  शत्रु  होता  है 

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : वह  जो  मृत्यु  के  समय  मुझे  स्मरण  करते  हुए  अपना  शरीर  त्यागता  है, वह  मेरे  धाम   को प्राप्त  होता  है, इसमें  कोई  शंशय  नहीं है 

 श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : वह  जो  इस  ज्ञान  में  विश्वास  नहीं  रखते , मुझे  प्राप्त  किये  बिना   जन्म  और  मृत्यु  के  चक्र  का  अनुगमन  करते  हैं

 श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : बुद्धिमान व्यक्ति को समाज कल्याण के लिए बिना आसक्ति के अकम करना चाहिए 

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : जो कोई भी जिस किसी भी देवता की पूजा विश्वास के साथ करने की इच्छा रखता है, मैं उसका विश्वास उसी देवता में दृढ कर देता हूँ

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : हे  अर्जुन !, मैं  भूत , वर्तमान  और  भविष्य  के  सभी  प्राणियों  को  जानता  हूँ, किन्तु  वास्तविकता  में  कोई  मुझे  नहीं  जानता 

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : यधपि मै इस तंत्र कका रचयिता हूँ, लकिन सभी को ज्ञात होना चाहिए कि मैं कुछ नहीं करता और मैं अनंत हूँ 

श्रीमद्भगवद्गीता महावाक्य : जो व्यक्ति सभी इच्छाएँ त्याग देता है और “मैं” और “मेरा” की लालसा और भावना से मुक्त हो जाता है उसे शांति प्राप्त होती है 

Shrimad Bhagavad Geeta Quotes In Hindi : जो व्यक्ति आध्यात्मिक जागरूकता के शिखर तक पहुँच चुके है, उनका मार्ग है- निःस्वार्थ कर्म और जो भगवान के साथ संयोजित हो चुके है, उनका मार्ग है- स्थिरता और शांति 

Shrimad Bhagavad Geeta Quotes In Hindi : कर्म मुझे बांधता नहीं, क्यों की मुझे कर्म के फल की कोई इच्छा नहीं 

Shrimad Bhagavad Geeta Quotes In Hindi : कर्म-योग वास्तव में एक परम रहस्य है 

Shrimad Bhagavad Geeta Quotes In Hindi : जो व्यक्ति इस लोक में अपने कम की सफलता की कामना रखते हैं, वे काम को निष्ठां से करने के साथ देवताओ की अराधना करें, सफलता मिलकर ही रहेगी 

Shrimad Bhagavad Geeta Quotes In Hindi : जो व्यक्ति वास्तविकता में मेरे उत्कृष्ट जन्म और गतिविधियों को समझता है, वह शरीर त्यागने के बाद पुनः जन्म नहीं लेता और मेरे धाम को प्राप्त होता है 

Shrimad Bhagavad Geeta Quotes In Hindi : मेरे लिए न कोई घ्रणित है न प्रिये, किन्तु जो व्यक्ति भक्ति के साथ मेरी पूजा करते हैं, वो मेरे पास हैं और मैं भी उनके साथ हूँ 

Shrimad Bhagavad Geeta Quotes In Hindi : मैं ऊष्मा देता हूँ और शीतलता भी देता हूँ, मैं वर्षा करता हूँ और रोकता भी हूँ, मैं अमरत्व भी हूँ और मृत्यु भी 

Shrimad Bhagavad Geeta Quotes In Hindi : अपने परम भक्तों को, जो हमेशा मेर स्मरण या एक-चित्त मन से मेरा पूजन करते है, मैं व्यक्तिगत रूप उनके कल्याण का उत्तरदायित्व लेता हूँ 

Shrimad Bhagavad Geeta Quotes In Hindi : जो व्यक्ति बुरे कर्म करते है, नीच सोच रखते हैं राक्षसी प्रव्रतियों से जुड़े हुए है और जिनकी बुद्धि माया ने हर ली है वो मेरी पूजा या मुझे पाने का प्रयतन नहीं करते


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