Acharya Vinoba Bhave Quotes In Hindi : आचार्य विनोबा भावे के सुविचार...

Acharya Vinoba Bhave Quotes In Hindi : आचार्य विनोबा भावे के सुविचार एवं अनमोल वचन

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Vinoba Bhave Quotes In Hindi
Vinoba Bhave Quotes In Hindi

 Acharya Vinoba Bhave Quotes In Hindi, Acharya Vinoba Bhave Thoughts in Hindi, आचार्य विनोबा भावे के सुविचार एवं अनमोल वचन

Acharya Vinoba Bhave Quotes In Hindi

आचार्य विनोबा भावे के शुद्ध विचार एवं प्रसिद्ध कथन


Shudhvichar : स्वतंत्र वही हो सकता है जो अपना काम अपने आप कर लेता है

Shudhvichar : विचारकों को जो चीज़ आज स्पष्ट दीखती है दुनिया उस पर कल अमल करती है

Shudhvichar : केवल अंग्रेज़ी सीखने में जितना श्रम करना पड़ता है उतने श्रम में भारत की सभी भाषाएँ सीखी जा सकती हैं

Shudhvichar : कलियुग में रहना है या सतयुग में यह तुम स्वयं चुनो, तुम्हारा युग तुम्हारे पास है

Shudhvichar : प्रतिभा का अर्थ है बुद्धि में नई कोपलें फूटते रहना नई कल्पना, नया उत्साह, नई खोज और नई स्फूर्ति प्रतिभा के लक्षण हैं

Shudhvichar : महान विचार ही कार्य रूप में परिणत होकर महान कार्य बनते हैं

Shudhvichar : जबतक कष्ट सहने की तैयारी नहीं होती तब तक लाभ दिखाई नहीं देता लाभ की इमारत कष्ट की धूप में ही बनती है

Shudhvichar : द्वेष बुद्धि को हम द्वेष से नहीं मिटा सकते, प्रेम की शक्ति ही उसे मिटा सकती है

Shudhvichar : जिसने ज्ञान को आचरण में उतार लिया, उसने ईश्वर को मूर्तिमान कर लिया

Shudhvichar : हिन्दुस्तान का आदमी बैल तो पाना चाहता है लेकिन गाय की सेवा करना नहीं चाहता वह उसे धार्मिक दृष्टि से पूजन का स्वांग रचता है लेकिन दूध के लिये तो भैंस की ही कद्र करता है हिन्दुस्तान के लोग चाहते हैं कि उनकी माता तो रहे भैंस और पिता हो बैल योजना तो ठीक है लेकिन वह भगवान को मंजूर नहीं है

Shudhvichar : मौन और एकान्त, आत्मा के सर्वोत्तम मित्र हैं

Shudhvichar : हिन्दुस्तान की एकता के लिये हिन्दी भाषा जितना काम देगी, उससे बहुत अधिक काम देवनागरी लिपि दे सकती है

Shudhvichar : ज्ञानी वह है जो वर्तमान को ठीक प्रकार समझे और परिस्थति के अनुसार आचरण करे

Shudhvichar : निष्काम कर्मयोग तभी सिद्ध होता है जब हमारे बाह्य कर्म के साथ अन्दर से चित्त शुद्धि रुपी कर्म का भी संयोग होता है

Shudhvichar : भविष्य में स्त्रियों के हाथ में समाज का अंकुश आने वाला है उसके लिए स्त्रियों को तैयार होना पड़ेगा स्त्रियों का उद्धार तभी होगा, जब स्त्रियाँ जागेंगी और स्त्रियों में शंकराचार्य जैसी कोई निष्ठावान स्त्री होगी

Shudhvichar : खुदा से डरने वाले को और किसी का क्या डर

Shudhvichar : महान विचार ही कार्य रूप में परिणित होकर महान कार्य बनते हैं

Shudhvichar : यदि किसी को भी भूख-प्यास नहीं लगती तो अतिथि सत्कार का अवसर कैसे मिलता

Shudhvichar : अभिमान कई तरह के होते हैं, पर मुझे अभिमान नहीं है, ऐसा भास होने जैसा भयानक अभिमान दूसरा नहीं है

Shudhvichar : बुद्धि का पहला लक्षण है काम आरम्भ न करो और अगर शुरू कर दिया है तो उसे पूरा करके ही छोड़ो

Shudhvichar : जिस राष्ट्र में चरित्रशीलता नहीं है, उसमें कोई योजना काम नहीं कर सकती

Shudhvichar : यदि आप किसी चीज का सपना देखने का साहस कर सकते हैं तो उसे प्राप्त भी कर सकते हैं

Shudhvichar : जब हम किसी नयी परियोजना पर विचार करते हैं तो हम बड़े गौर से उसका अध्ययन करते हैं केवल सतह मात्र का नहीं, बल्कि उसके हर एक पहलू का

Shudhvichar : ऐसा व्यक्ति जो एक घंटे का समय बर्बाद करता है, उसने जीवन के मूल्य को समझा ही नहीं है

Shudhvichar : हम आगे बढ़ते हैं, नए रास्ते बनाते हैं और नयी परियोजनाएं बनाते हैं क्योंकि हम जिज्ञासु हैं और जिज्ञासा हमें नयी राहों की ओर ले जाती है

Shudhvichar : प्रेरणा कार्य आरम्भ करने में सहायता करती है और आदत कार्य को जारी रखने में सहायता करती है

Shudhvichar : अनुशासन, लक्ष्यों और उपलब्धि के बीच का सेतु है यकीन मानिए ज्ञान की अपेक्षा अज्ञान ज्यादा आत्मविश्वास पैदा करता है

Shudhvichar : औपचारिक शिक्षा आपको जीविकोपार्जन के लिए उपयुक्त अवसर देती है, जबकि अनुभव आपका भाग्य बनाते हैं

Shudhvichar : जो सब की प्रशंसा करता है वह किसी की प्रशंसा नहीं करता

Shudhvichar : परस्पर आदान-प्रदान के बिना समाज में जीवन का निर्वाह संभव नहीं है

Shudhvichar : जब तक कष्ट सहने की तैयारी नहीं होती तब तक लाभ दिखाई नहीं देता लाभ की इमारत कष्ट की धूप में ही बनती है

Shudhvichar : मौन और एकांत आत्मा के सर्वोत्तम मित्र है

Shudhvichar : द्वेष को हम द्वेष से नहीं मिटा सकते प्रेम की शक्ति ही उसे मिटा सकती है

Shudhvichar : प्रतिभा का अर्थ है बुद्धि में नयी कोंपलें फूटते रहना नयी कल्पना, नया उत्साह, नयी खोज और नयी स्फूर्ति प्रतिभा के लक्षण हैं

Shudhvichar : मनुष्य जितना ज्ञान में घुल गया हो उतना ही कर्म के रंग में रंग जाता है

Vinoba Bhave Quotes In Hindi : मनुष्य जितना ज्ञान में घुल गया हो उतना ही कर्म के रंग में रंग जाता है

Vinoba Bhave Quotes In Hindi : जिस राष्ट्र में चरित्रशीलता नहीं है उसमें कोई योजना काम नहीं कर सकती

Vinoba Bhave Quotes In Hindi : ऐसे देश को छोड़ देना चाहिए जहाँ न आदर है, न जीविका, न मित्र, न परिवार और न ही ज्ञान की आशा


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